आज का हिन्दू पंचांग* 21 जून 2021 ( सोमवार )

            


⛅ *दिनांक 21 जून 2021*

⛅ *दिन - सोमवार*

⛅ *विक्रम संवत - 2078 (गुजरात - 2077)*

⛅ *शक संवत - 1943*

⛅ *अयन - दक्षिणायन*

⛅ *ऋतु - वर्षा* 

⛅ *मास - ज्येष्ठ*

⛅ *पक्ष - शुक्ल* 

⛅ *तिथि - एकादशी दोपहर 01:31 तक तत्पश्चात द्वादशी*

⛅ *नक्षत्र - स्वाती शाम 04:46 तक तत्पश्चात विशाखा*

⛅ *योग - शिव शाम 05:34 तक तत्पश्चात सिद्ध*

⛅ *राहुकाल - सुबह 07:38 से सुबह 09:19 तक*

⛅ *सूर्योदय - 05:59* 

⛅ *सूर्यास्त - 19:21* 

(सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में जिलेवार अंतर संभव है)

⛅ *दिशाशूल - पूर्व दिशा में*

⛅ *व्रत पर्व विवरण - निर्जला-भीम एकादशी, गायत्री माता जयंती, दक्षिणायन आरम्भ (पुण्यकाल सूर्योदय से सुबह 09:03 तक), वर्षा ऋतु प्रारंभ*

 💥 *विशेष - हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख


शांति बनी रहती है l   राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।*

💥 *आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l*

💥 *एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।*

💥 *एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।*

💥 *जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।*

               🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞


🌷 *दक्षिणायन आरंभ* 🌷

➡ *21 जून 2021 सोमवार को (पुण्यकाल सूर्योदय से सुबह 09:03 तक)*

🙏🏻 *उत्तरायण या दक्षिणायान के आरंभ के दिन किया गया जप-ध्यान व पुण्यकर्म कोटि कोटि गुना अधिक एवं अक्षय होता है |– पद्म पुराण*

          🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞


🌷 *वर्षा ऋतु* 🌷

➡ *21 जून 2021 सोमवार से वर्षा ऋतु प्रारंभ ।*

☔ *ग्रीष्म ऋतु में दुर्बल हुआ शरीर वर्षा ऋतु में धीरे-धीरे बल प्राप्त करने लगता है | आद्र वातावरण जठराग्नि को मंद करता है | वर्षा ऋतु में वात-पित्तजनित व अजीर्णजन्य रोगों का प्रादुर्भाव होता है | अत: जठराग्नि प्रदीप्त करनेवाला वात-पित्तशामक आहार लेना चाहिए |*

☔ *हितकर आहार : इस ऋतु में जठराग्नि प्रदीप्त करनेवाले अदरक, लहसुन, नींबू, पुदीना, हरा धनिया, सोंठ, अजवायन, मेथी, जीरा, हींग, काली मिर्च, पीपरामूल का प्रयोग करें | जों, खीरा, लौकी, गिल्की, पेठा, तोरई, आम, जामुन, पपीता, सूरन सेवनीय हैं | श्रावण मास में दूध व हरी सब्जियाँ न खायें | वर्षा ऋतु में दही पूर्णत: निषिद्ध है | ताजी छाछ में काली मिर्च, सेंधा, जीरा, धनिया, पुदीना डालकर ले सकते हैं | उपवास और लघु भोजन हितकारी है | रात को देर से भोजन न करें |*

☔ *अहितकर आहार : देर से पचनेवाले, भारी, तले, तीखे पदार्थ न लें | जलेबी , बिस्कुट, डबलरोटी आदि मैदे की चीजे , बेकरी की चीजे, उड़द, अंकुरित अनाज, ठंडे पेय पदार्थ व आइस्क्रीम  के सेवन से बचे | वर्षा ऋतु में दही पूर्णतः निषिध्द है | श्रावण मास में दूध व हरी सब्जियाँ वर्जित हैं |*

☔ *हितकर विहार : आश्रमनिर्मित धूप, हवन से वातावरण को शुद्ध व गौ-सेवा फिनायल या गोमूत्र से घर को साफ करें | तुलसी के पौधे लगायें | उबटन से स्नान, तेल की मालिश , हल्का  व्यायाम, स्वच्छ व हल्के  वस्त्र पहनना हितकारी है | वातावरण में नमी और आर्द्रता के कारण उत्पन्न कीटाणुओं से सुरक्षा हेतु आश्रम की धूप व हवन से वातावरण को शुद्ध तथा गौ सेवा फिनायल या गोमुत्र से घर को स्वच्छ रखें | घर के आसपास पानी इकट्ठा  न होने दें | मच्छरों से सुरक्षा के लिए घर में गेंदे के पौधों के गमले अथवा गेंदे के फूल रखें और नीम के पत्ते , गोबर के कंड़े व गूगल आदि का धुआँ करें |*

☔ *अपथ्य विहार : बारिश में न भींगें | भींगें गीले  कपड़े पहनकर न रखें | रात्रि-जागरण, दिन में शयन, खुले में शयन, अति परिश्रम एवं अति व्यायाम वर्जित है |*

🙏🏻)*

        🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻पंचक आरम्भ

जून 28, 2021, सोमवार को 01:00 pm

पंचक अंत

जुलाई 3, 2021, शनिवार को 06:14 am

पंचक आरम्भ

जुलाई 25, 2021, रविवार को 10:48 pm

पंचक अंत

जुलाई 30, 2021, शुक्रवार को 02:03 pm

एकादशी

21 जून- निर्जला एकादशी

 

 5 जुलाई- योगिनी एकादशी

 

 20 जुलाई- देवशयनी, हरिशयनी एकादशी

प्रदोष


22 जून: भौम प्रदोष


जुलाई 2021: प्रदोष व्रत


07 जुलाई: प्रदोष व्रत


21 जुलाई: प्रदोष व्रत


पूर्णिमा

ज्येष्ठ पूर्णिमा जून 24, बृहस्पतिवार

आषाढ़ पूर्णिमा व्रत जुलाई 23, शुक्रवार

श्रावण पूर्णिमा 22 अगस्त, रविवार


अमावस्या


जुलाई, 2021 में अमावस्या तीथि 09 जुलाई, सुबह 5:16 बजे - 10 जुलाई, 6:46 बजे

अगस्त 2021 में अमावस्या तिथि (हरियाली अमावस्या) 07 अगस्त 7:11 बजे - 08 अगस्त 7:20 बजे


साप्ताहिक राशिफल - 

मेष:

इस सप्ताह मेष राशि के जातकों की मन की दुविधा घटेगी और मन की संकल्प शक्ति बढ़ेगी। आस-पास की यात्रा का योग बनेगा। बहुप्रतीक्षित कार्य योजना का विस्तार होगा। छात्रों, बुद्धिजीवियों, अध्यापकों और सलाहाकारों के लिए समय अनुकूल है। नौकरीपेशा लोगों का समय मध्यम रहेगा। सप्ताह के उत्तरार्ध में किसी कार्य को जल्दबाजी में करने से बचें। महिलाओं का अधिकांश समय धर्म-अध्यात्म से जुड़े कार्यों में बीतेगा। परिजनों का पूरा सहयोग मिलेगा। प्रेम संबंधों में मजबूती आयेगी। सेहत सामान्य रहेगी।


उपाय: गुड़ एवं गेहूं का दान करें। श्री हनुमान जी की दैनिक उपासना करें एवं हनुमान चालीसा का पाठ करें।

वृष:

इस सप्ताह घरेलू समस्याओं के बावजूद आपका चित्त शांत रहेगा और आप अपनी समस्याओं के समाधान खोजने में कामयाब रहेंगे। सप्ताह के मध्य तक परिस्थितियां अनुकूल हो जायेंगी। कमीशन से जुड़े कार्य करने वालों के लिए समय चुनौतीपूर्ण है। साझेदारी में काम करते समय चीजों को स्पष्ट करके चलना बेहतर रहेगा। सप्ताह के उत्तरार्ध में संतान पक्ष से कोई सुखद समाचार मिल सकता है। इस दौरान किसी पुराने परिचित व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। नये संबंध बनाते समय पुराने संबंधों की उपेक्षा न करें। प्रेम संबंधों में सोच-समझकर कदम उठाएं किसी भी प्रकार की जल्दबाजी से बचें। सामाजिक प्रतिष्ठा के लिए सचेत रहें। 


उपाय: दूध एवं चीनी का दान करें। माता गायत्री की उपासना करें एवं नित्य गायत्री मंत्र का एक माला जप करें।


मिथुन:

शनि की ढैय्या के चलते इस आपको मानसिक एवं आर्थिक कष्ट झेलने पड़ सकते हैं। अपनी सेहत का भी विशेष ख्याल रखें। पेट संबंधी परेशानी हो सकती है। आय के मुकाबले खर्च की अधिकता बनी रहेगी। प्रॉपर्टी और कंस्ट्रक्शन का कार्य करने वालों को कुछ एक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। जीवनसाथी से किसी बात को लेकर मतभेद हो सकता है। प्रेम संबंधों में कोई तीसरा व्यक्ति कड़वाहट घोलने का कार्य कर सकता है। क्रोध पर नियंत्रण रखें और चीजों को विवाद से नहीं संवाद से सुलझाने का प्रयास करें।


उपाय: बंदरों को चना-गुड़ खिलाएं अथवा हनुमान जी के मंदिर में प्रसाद के रूप में चढ़ाएं। प्रतिदिन बजरंग बाण का पाठ करें। 

कर्क:

कर्क राशि के जातकों को इस सप्ताह अपने महत्वपूर्ण कार्यों की प्राथमिकताएं तय करनी होंगी अन्यथा देरी से कदम उठाने के चलते अंतिम समय में सफलता आपके हाथ से छिटक सकती है।  कार्यक्षेत्र में विरोधियों से सचेत रहें। सप्ताह की शुरुआत में सुख-सुविधाओं से जुड़ी चीजों पर जेब से ज्यादा खर्च हो सकता है। कारोबार में धन निवेश करते समय शुभचिंतकों की सलाह लेना न भूलें। कार्यक्षेत्र में परिश्रम के बावजूद अपेक्षा के अनुरूप फल प्राप्त नहीं होंगे। प्रेम संबंध सामान्य रहेंगे। कठिन समय में जीवनसाथी का पूरा साथ मिलेगा। मन को शांत रखने के लिए ध्यान और योग करें।


उपाय: भगवान शिव की साधना करें और पूजा में बेलपत्र अवश्य चढ़ाएं। ' ॐ नम: शिवाय' मंत्र का एक माला जप जरूर करें।

सिंह:

सिंह राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह सामान्य शुभदायक है। महत्वपूर्ण कार्यों को करते समय दूसरों के बहकावे में न आएं और अपने विवेक के अनुसार निर्णय लें। कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में निर्णय आपके पक्ष में आ सकता है। मार्केट में फंसा हुआ पैसा निकल आने से कारोबारी राहत की सांस लेंगे। सत्ता पक्ष से जुड़े किसी प्रभावी व्यक्ति से मुलाकात होगी और भविष्य में लाभ की योजनाओं पर कार्य करने का अवसर मिलेगा। नई संपत्ति बनाने की दिशा में कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आयेगी। परिजनों के साथ हंसी-खुशी समय बिताने के अवसर प्राप्त होंगे।


उपाय: किसी मंदिर में धार्मिक पुस्तकें दान करें। भगवान विष्णु की नित्य पूजा करें और पूजा में पीले पुष्प, पीले फल आदि चढ़ाएं।

कन्या:

आधी छोड़ सारी को धावै, आधी मिलै न सारी पावै। नई योजनाओं की ओर भागते समय इस बात का पूरा ख्याल रखें कि कहीं आपका मूल काम न प्रभावित हो जाए, अन्यथा बाद में पछताना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में लापरवाही के चलते बॉस की डॉंट खानी पड़ सकती है। सप्ताह के उत्तरार्ध में पैतृक संपत्ति को लेकर परिजनों के साथ वाद-विवाद हो सकता है। परिवार की आवश्यकताओं और अपेक्षाओं से दूर भागने की कोशिश न करें नहीं तो समस्याएं घटने की बजाय बढ़ जाएंगी। प्रेम संबंधों में ईमानदार रहेंं। जीवनसाथी की भावनाओं की उपेक्षा न करें।


उपाय: गायों को हरा चारा खिलाएं। गणपति की साधना करें और पूजा के दौरान दूर्वा जरूर चढ़ाएं।

तुला:

इस सप्ताह लंबे समय से अटके हुए कार्यों में गति देखने को मिलेगी। कार्यक्षेत्र में लोग आपके कार्य की सराहना करेंगे। इष्ट-मित्रों का पूरा सहयोग मिलेगा। बेरोजगार लोगों को रोजगार के नये अवसर प्राप्त होंगे। घर के किसी बड़े फैसलों को लेते समय भाई-बहनों का पूरा सहयोग मिलेगा। प्रोफेशन महिलाओं के लिए समय अनुकूल है। प्रेम संबंध विवाह में तब्दील हो सकता है। परिजन आपके प्रेम संबंध को स्वीकार कर सकते है। सप्ताह के उत्तरार्ध में फाइनेंस, मार्केटिंग एवं कमीशन का कार्य करने वालों को कुछेक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। मौसमी बीमारियों के प्रति सचेत रहें।


उपाय: चावल एवं चीनी का दान करें। अपने कुलदेवी की उपासना करें।

वृश्चिक:

वृश्चिक राशि के जातक इस सप्ताह अपने परिश्रम एवं अनुभव की मदद से अपनी वर्तमान स्थिति को सुधारने में कामयाब हो सकते हैं। सप्ताह के प्रारंभ में धार्मिक-सामाजिक कार्यों में व्यस्तता रहेगी। घर में किसी प्रियजन के आने से खुशियों का माहौल बना रहेगा। व्यावसायिक एवं आर्थिक स्थिति में भी सुधार देखने को मिलेगा। परिचितों एवं समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। लोग आपके व्यवहार से प्रभावित होंगे और आपके निर्णय की सराहना करेंगे। लव पार्टनर के साथ बेहतर समय बिताने के अवसर मिलेंगे। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी।


उपाय: तांबे का कड़ा धारण करें। हनुमत उपासना करें और 'ॐ हं हनुमते नम:' मंत्र का एक माला जप प्रतिदिन करें।

धनु:

धनु राशि के जातकों की इस सप्ताह पारिवारिक उलझनें धीरे-धीरे कम होती नजर आयेगी। किसी वरिष्ठ की मदद से भूमि-भवन संबंधित विवाद दूर होने से आप राहत की सांस लेंगे। हालांकि परिवार में किसी सदस्य की सेहत को लकर मन चिंतित रहेगा। आर्थिक संकट के चलते बहुत सी चीजों से समझौता करना पड़ेगा। करिअर-कारोबार में कुछ एक अड़चनें आ सकती है। बेरोजगार लोगों को रोजगार के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। प्रेम संबंधों में सोच-समझकर कदम बढ़ाएं अन्यथा स्वयं के साथ परिजनों की मान-प्रतिष्ठा पर आंच आ सकती है। वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं। चोट-चपेट लगने की आशंका है।


उपाय: केसर का तिलक लगाएं। विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।

मकर:

मकर राशि के जातकों को सप्ताह की शुरुआत में पारिवारिक विवाद एवं आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में अपने वरिष्ठ और कनिष्ठ दोनेां को मिलकर चलने में फायदा रहेगा। इस बात का पूरा ख्याल रखें कि आपकी बात से ही बात बनेगी और आपकी बात से ही बात बिगड़ेगी, इसलिए भूलकर भी क्रोध न करें और बोलते समय अपनी भाषा और लहजे पर पूरा नियंत्रण रखें। सप्ताह के मध्य में लंबी अथवा छोटी दूरी की यात्रा हो सकती है। यात्रा के दौरान सेहत और सामान दोनों का विशेष ख्याल रखें। लव पार्टनर हो या फिर जीवनसाथी उसकी भावनाओं की उपेक्षा करने से बचें।


उपाय: पक्षियों का दाना डालें। 'ॐ शं शनैश्चराय नम:' मंत्र का जप करें।

कुंभ:

कुंभ राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह मिश्रित फलदायक रहेगा। सप्ताह के प्रारंभ में कामकाज के सिलसिले में लंबी अथवा छोटी दूरी की यात्रा करनी पड़ सकती है। धार्मिक-सामाजिक क्रिया-कलापों में रुचि बढ़ेगी। इस सप्ताह आर्थिक लेन-देन करते अत्यंत सावधानी बरतने की जरूरत है। किसी को धन उधार देने से बचें। कार्य योजना को पूरा करने से पहले उसे गुप्त रखें, अन्यथा विरोधी उसमें अड़ंगे लगा सकते हैं। संतान के भविष्य और जीवनसाथी की सेहत को लेकर मन चिंतित रहेगा। परीक्षा-प्रतियोगिता की तैयारी में जुटे छात्रों का मन भटक सकता है। प्रेम संबंधों में किसी भी प्रकार की गलतफहमी न पनपनें दें।


उपाय: हनुमान जी की उपासना करें और सुंदरकांड का पाठ करें।

मीन:

बीते सप्ताह के मुकाबले यह सप्ताह आपके लिए ज्यादा खुशियां और सफलता के ज्यादा अवसर लेकर आया है। सप्ताह के प्रारंभ में ही आपको करिअर-कारोबार से जुड़ी शुभ सूचनाएं मिलेंगी। पैतृक संपत्ति की प्राप्ति में आ रही अड़चनें दूर होंगी। सत्ता पक्ष से लाभ के योग बनेंगे। राजनीति से जुड़े लोगों को अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। प्रोफेशनल महिलाओं के लिए समय अनुकूल है। सप्ताह के उत्तरार्ध में धार्मिक कार्य से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा। लव पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम बिताने का मौका मिलेगा। संतान पक्ष द्वारा बड़ी उपलब्धि हासिल करने पर परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा।


उपाय: चंदन का टीका लगाएं। भगवान विष्णु की पूजा के साथ 'ॐ नमो नारायणाय' मंत्र का जप करें।


जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक बधाई और शुभ आशीष


दिनांक 21 को जन्मे व्यक्ति निष्कपट, दयालु एवं उच्च तार्किक क्षमता वाले होते हैं। अनुशासनप्रिय होने के कारण कभी-कभी आप तानाशाह भी बन जाते हैं। आप दार्शनिक स्वभाव के होने के बावजूद एक विशेष प्रकार की स्फूर्ति रखते हैं। आप सदैव परिपूर्णता या कहें कि परफेक्शन की तलाश में रहते हैं यही वजह है कि अक्सर अव्यवस्थाओं के कारण तनाव में रहते हैं। अंक ज्योतिष के अनुसार आपका मूलांक तीन आता है। यह बृहस्पति का प्रतिनिधि अंक है। आपकी शिक्षा के क्षेत्र में पकड़ मजबूत होगी। आप एक सामाजिक प्राणी हैं।

 

शुभ दिनांक : 3, 12, 21, 30

 

शुभ अंक : 1, 3, 6, 7, 9



 

शुभ वर्ष : 2028, 2030, 2031, 2034, 2043, 2049, 2052

 

ईष्टदेव : देवी सरस्वती, देवगुरु बृहस्पति, भगवान विष्णु


 

शुभ रंग : पीला, सुनहरा और गुलाबी

 

कैसा रहेगा यह वर्ष

दांपत्य जीवन में सुखद स्थिति रहेगी। घर या परिवार में शुभ कार्य होंगे। यह वर्ष आपके लिए अत्यंत सुखद है। किसी विशेष परीक्षा में सफलता मिल सकती है। नौकरीपेशा के लिए प्रतिभा के बल पर उत्तम सफलता का है। नवीन व्यापार की योजना भी बन सकती है। मित्र वर्ग का सहयोग सुखद रहेगा। शत्रु वर्ग प्रभावहीन होंगे। महत्वपूर्ण कार्य से यात्रा के योग भी है।🙏🏻 हर हर महादेव🙏🏻 पुण्य लाभ के लिए इस पंचांग को औरों को भी जरूर भेजिए


🌞🌹 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞


⛅ *दिनांक 21 जून 2021*

⛅ *दिन - सोमवार*

⛅ *विक्रम संवत - 2078 (गुजरात - 2077)*

⛅ *शक संवत - 1943*

⛅ *अयन - दक्षिणायन*

⛅ *ऋतु - वर्षा* 

⛅ *मास - ज्येष्ठ*

⛅ *पक्ष - शुक्ल* 

⛅ *तिथि - एकादशी दोपहर 01:31 तक तत्पश्चात द्वादशी*

⛅ *नक्षत्र - स्वाती शाम 04:46 तक तत्पश्चात विशाखा*

⛅ *योग - शिव शाम 05:34 तक तत्पश्चात सिद्ध*

⛅ *राहुकाल - सुबह 07:38 से सुबह 09:19 तक*

⛅ *सूर्योदय - 05:59* 

⛅ *सूर्यास्त - 19:21* 

(सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में जिलेवार अंतर संभव है)

⛅ *दिशाशूल - पूर्व दिशा में*

⛅ *व्रत पर्व विवरण - निर्जला-भीम एकादशी, गायत्री माता जयंती, दक्षिणायन आरम्भ (पुण्यकाल सूर्योदय से सुबह 09:03 तक), वर्षा ऋतु प्रारंभ*

 💥 *विशेष - हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l   राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।*

💥 *आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l*

💥 *एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।*

💥 *एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।*

💥 *जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।*

               🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞


🌷 *दक्षिणायन आरंभ* 🌷

➡ *21 जून 2021 सोमवार को (पुण्यकाल सूर्योदय से सुबह 09:03 तक)*

🙏🏻 *उत्तरायण या दक्षिणायान के आरंभ के दिन किया गया जप-ध्यान व पुण्यकर्म कोटि कोटि गुना अधिक एवं अक्षय होता है |– पद्म पुराण*

          🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞


🌷 *वर्षा ऋतु* 🌷

➡ *21 जून 2021 सोमवार से वर्षा ऋतु प्रारंभ ।*

☔ *ग्रीष्म ऋतु में दुर्बल हुआ शरीर वर्षा ऋतु में धीरे-धीरे बल प्राप्त करने लगता है | आद्र वातावरण जठराग्नि को मंद करता है | वर्षा ऋतु में वात-पित्तजनित व अजीर्णजन्य रोगों का प्रादुर्भाव होता है | अत: जठराग्नि प्रदीप्त करनेवाला वात-पित्तशामक आहार लेना चाहिए |*

☔ *हितकर आहार : इस ऋतु में जठराग्नि प्रदीप्त करनेवाले अदरक, लहसुन, नींबू, पुदीना, हरा धनिया, सोंठ, अजवायन, मेथी, जीरा, हींग, काली मिर्च, पीपरामूल का प्रयोग करें | जों, खीरा, लौकी, गिल्की, पेठा, तोरई, आम, जामुन, पपीता, सूरन सेवनीय हैं | श्रावण मास में दूध व हरी सब्जियाँ न खायें | वर्षा ऋतु में दही पूर्णत: निषिद्ध है | ताजी छाछ में काली मिर्च, सेंधा, जीरा, धनिया, पुदीना डालकर ले सकते हैं | उपवास और लघु भोजन हितकारी है | रात को देर से भोजन न करें |*

☔ *अहितकर आहार : देर से पचनेवाले, भारी, तले, तीखे पदार्थ न लें | जलेबी , बिस्कुट, डबलरोटी आदि मैदे की चीजे , बेकरी की चीजे, उड़द, अंकुरित अनाज, ठंडे पेय पदार्थ व आइस्क्रीम  के सेवन से बचे | वर्षा ऋतु में दही पूर्णतः निषिध्द है | श्रावण मास में दूध व हरी सब्जियाँ वर्जित हैं |*

☔ *हितकर विहार : आश्रमनिर्मित धूप, हवन से वातावरण को शुद्ध व गौ-सेवा फिनायल या गोमूत्र से घर को साफ करें | तुलसी के पौधे लगायें | उबटन से स्नान, तेल की मालिश , हल्का  व्यायाम, स्वच्छ व हल्के  वस्त्र पहनना हितकारी है | वातावरण में नमी और आर्द्रता के कारण उत्पन्न कीटाणुओं से सुरक्षा हेतु आश्रम की धूप व हवन से वातावरण को शुद्ध तथा गौ सेवा फिनायल या गोमुत्र से घर को स्वच्छ रखें | घर के आसपास पानी इकट्ठा  न होने दें | मच्छरों से सुरक्षा के लिए घर में गेंदे के पौधों के गमले अथवा गेंदे के फूल रखें और नीम के पत्ते , गोबर के कंड़े व गूगल आदि का धुआँ करें |*

☔ *अपथ्य विहार : बारिश में न भींगें | भींगें गीले  कपड़े पहनकर न रखें | रात्रि-जागरण, दिन में शयन, खुले में शयन, अति परिश्रम एवं अति व्यायाम वर्जित है |*

🙏🏻)*

        🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻पंचक आरम्भ

जून 28, 2021, सोमवार को 01:00 pm

पंचक अंत

जुलाई 3, 2021, शनिवार को 06:14 am

पंचक आरम्भ

जुलाई 25, 2021, रविवार को 10:48 pm

पंचक अंत

जुलाई 30, 2021, शुक्रवार को 02:03 pm

एकादशी

21 जून- निर्जला एकादशी

 

 5 जुलाई- योगिनी एकादशी

 

 20 जुलाई- देवशयनी, हरिशयनी एकादशी

प्रदोष


22 जून: भौम प्रदोष


जुलाई 2021: प्रदोष व्रत


07 जुलाई: प्रदोष व्रत


21 जुलाई: प्रदोष व्रत


पूर्णिमा

ज्येष्ठ पूर्णिमा जून 24, बृहस्पतिवार

आषाढ़ पूर्णिमा व्रत जुलाई 23, शुक्रवार

श्रावण पूर्णिमा 22 अगस्त, रविवार


अमावस्या


जुलाई, 2021 में अमावस्या तीथि 09 जुलाई, सुबह 5:16 बजे - 10 जुलाई, 6:46 बजे

अगस्त 2021 में अमावस्या तिथि (हरियाली अमावस्या) 07 अगस्त 7:11 बजे - 08 अगस्त 7:20 बजे


साप्ताहिक राशिफल - 

मेष:

इस सप्ताह मेष राशि के जातकों की मन की दुविधा घटेगी और मन की संकल्प शक्ति बढ़ेगी। आस-पास की यात्रा का योग बनेगा। बहुप्रतीक्षित कार्य योजना का विस्तार होगा। छात्रों, बुद्धिजीवियों, अध्यापकों और सलाहाकारों के लिए समय अनुकूल है। नौकरीपेशा लोगों का समय मध्यम रहेगा। सप्ताह के उत्तरार्ध में किसी कार्य को जल्दबाजी में करने से बचें। महिलाओं का अधिकांश समय धर्म-अध्यात्म से जुड़े कार्यों में बीतेगा। परिजनों का पूरा सहयोग मिलेगा। प्रेम संबंधों में मजबूती आयेगी। सेहत सामान्य रहेगी।


उपाय: गुड़ एवं गेहूं का दान करें। श्री हनुमान जी की दैनिक उपासना करें एवं हनुमान चालीसा का पाठ करें।

वृष:

इस सप्ताह घरेलू समस्याओं के बावजूद आपका चित्त शांत रहेगा और आप अपनी समस्याओं के समाधान खोजने में कामयाब रहेंगे। सप्ताह के मध्य तक परिस्थितियां अनुकूल हो जायेंगी। कमीशन से जुड़े कार्य करने वालों के लिए समय चुनौतीपूर्ण है। साझेदारी में काम करते समय चीजों को स्पष्ट करके चलना बेहतर रहेगा। सप्ताह के उत्तरार्ध में संतान पक्ष से कोई सुखद समाचार मिल सकता है। इस दौरान किसी पुराने परिचित व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। नये संबंध बनाते समय पुराने संबंधों की उपेक्षा न करें। प्रेम संबंधों में सोच-समझकर कदम उठाएं किसी भी प्रकार की जल्दबाजी से बचें। सामाजिक प्रतिष्ठा के लिए सचेत रहें। 


उपाय: दूध एवं चीनी का दान करें। माता गायत्री की उपासना करें एवं नित्य गायत्री मंत्र का एक माला जप करें।


मिथुन:

शनि की ढैय्या के चलते इस आपको मानसिक एवं आर्थिक कष्ट झेलने पड़ सकते हैं। अपनी सेहत का भी विशेष ख्याल रखें। पेट संबंधी परेशानी हो सकती है। आय के मुकाबले खर्च की अधिकता बनी रहेगी। प्रॉपर्टी और कंस्ट्रक्शन का कार्य करने वालों को कुछ एक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। जीवनसाथी से किसी बात को लेकर मतभेद हो सकता है। प्रेम संबंधों में कोई तीसरा व्यक्ति कड़वाहट घोलने का कार्य कर सकता है। क्रोध पर नियंत्रण रखें और चीजों को विवाद से नहीं संवाद से सुलझाने का प्रयास करें।


उपाय: बंदरों को चना-गुड़ खिलाएं अथवा हनुमान जी के मंदिर में प्रसाद के रूप में चढ़ाएं। प्रतिदिन बजरंग बाण का पाठ करें। 

कर्क:

कर्क राशि के जातकों को इस सप्ताह अपने महत्वपूर्ण कार्यों की प्राथमिकताएं तय करनी होंगी अन्यथा देरी से कदम उठाने के चलते अंतिम समय में सफलता आपके हाथ से छिटक सकती है।  कार्यक्षेत्र में विरोधियों से सचेत रहें। सप्ताह की शुरुआत में सुख-सुविधाओं से जुड़ी चीजों पर जेब से ज्यादा खर्च हो सकता है। कारोबार में धन निवेश करते समय शुभचिंतकों की सलाह लेना न भूलें। कार्यक्षेत्र में परिश्रम के बावजूद अपेक्षा के अनुरूप फल प्राप्त नहीं होंगे। प्रेम संबंध सामान्य रहेंगे। कठिन समय में जीवनसाथी का पूरा साथ मिलेगा। मन को शांत रखने के लिए ध्यान और योग करें।


उपाय: भगवान शिव की साधना करें और पूजा में बेलपत्र अवश्य चढ़ाएं। ' ॐ नम: शिवाय' मंत्र का एक माला जप जरूर करें।

सिंह:

सिंह राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह सामान्य शुभदायक है। महत्वपूर्ण कार्यों को करते समय दूसरों के बहकावे में न आएं और अपने विवेक के अनुसार निर्णय लें। कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में निर्णय आपके पक्ष में आ सकता है। मार्केट में फंसा हुआ पैसा निकल आने से कारोबारी राहत की सांस लेंगे। सत्ता पक्ष से जुड़े किसी प्रभावी व्यक्ति से मुलाकात होगी और भविष्य में लाभ की योजनाओं पर कार्य करने का अवसर मिलेगा। नई संपत्ति बनाने की दिशा में कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आयेगी। परिजनों के साथ हंसी-खुशी समय बिताने के अवसर प्राप्त होंगे।


उपाय: किसी मंदिर में धार्मिक पुस्तकें दान करें। भगवान विष्णु की नित्य पूजा करें और पूजा में पीले पुष्प, पीले फल आदि चढ़ाएं।

कन्या:

आधी छोड़ सारी को धावै, आधी मिलै न सारी पावै। नई योजनाओं की ओर भागते समय इस बात का पूरा ख्याल रखें कि कहीं आपका मूल काम न प्रभावित हो जाए, अन्यथा बाद में पछताना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में लापरवाही के चलते बॉस की डॉंट खानी पड़ सकती है। सप्ताह के उत्तरार्ध में पैतृक संपत्ति को लेकर परिजनों के साथ वाद-विवाद हो सकता है। परिवार की आवश्यकताओं और अपेक्षाओं से दूर भागने की कोशिश न करें नहीं तो समस्याएं घटने की बजाय बढ़ जाएंगी। प्रेम संबंधों में ईमानदार रहेंं। जीवनसाथी की भावनाओं की उपेक्षा न करें।


उपाय: गायों को हरा चारा खिलाएं। गणपति की साधना करें और पूजा के दौरान दूर्वा जरूर चढ़ाएं।

तुला:

इस सप्ताह लंबे समय से अटके हुए कार्यों में गति देखने को मिलेगी। कार्यक्षेत्र में लोग आपके कार्य की सराहना करेंगे। इष्ट-मित्रों का पूरा सहयोग मिलेगा। बेरोजगार लोगों को रोजगार के नये अवसर प्राप्त होंगे। घर के किसी बड़े फैसलों को लेते समय भाई-बहनों का पूरा सहयोग मिलेगा। प्रोफेशन महिलाओं के लिए समय अनुकूल है। प्रेम संबंध विवाह में तब्दील हो सकता है। परिजन आपके प्रेम संबंध को स्वीकार कर सकते है। सप्ताह के उत्तरार्ध में फाइनेंस, मार्केटिंग एवं कमीशन का कार्य करने वालों को कुछेक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। मौसमी बीमारियों के प्रति सचेत रहें।


उपाय: चावल एवं चीनी का दान करें। अपने कुलदेवी की उपासना करें।

वृश्चिक:

वृश्चिक राशि के जातक इस सप्ताह अपने परिश्रम एवं अनुभव की मदद से अपनी वर्तमान स्थिति को सुधारने में कामयाब हो सकते हैं। सप्ताह के प्रारंभ में धार्मिक-सामाजिक कार्यों में व्यस्तता रहेगी। घर में किसी प्रियजन के आने से खुशियों का माहौल बना रहेगा। व्यावसायिक एवं आर्थिक स्थिति में भी सुधार देखने को मिलेगा। परिचितों एवं समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। लोग आपके व्यवहार से प्रभावित होंगे और आपके निर्णय की सराहना करेंगे। लव पार्टनर के साथ बेहतर समय बिताने के अवसर मिलेंगे। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी।


उपाय: तांबे का कड़ा धारण करें। हनुमत उपासना करें और 'ॐ हं हनुमते नम:' मंत्र का एक माला जप प्रतिदिन करें।

धनु:

धनु राशि के जातकों की इस सप्ताह पारिवारिक उलझनें धीरे-धीरे कम होती नजर आयेगी। किसी वरिष्ठ की मदद से भूमि-भवन संबंधित विवाद दूर होने से आप राहत की सांस लेंगे। हालांकि परिवार में किसी सदस्य की सेहत को लकर मन चिंतित रहेगा। आर्थिक संकट के चलते बहुत सी चीजों से समझौता करना पड़ेगा। करिअर-कारोबार में कुछ एक अड़चनें आ सकती है। बेरोजगार लोगों को रोजगार के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। प्रेम संबंधों में सोच-समझकर कदम बढ़ाएं अन्यथा स्वयं के साथ परिजनों की मान-प्रतिष्ठा पर आंच आ सकती है। वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं। चोट-चपेट लगने की आशंका है।


उपाय: केसर का तिलक लगाएं। विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।

मकर:

मकर राशि के जातकों को सप्ताह की शुरुआत में पारिवारिक विवाद एवं आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में अपने वरिष्ठ और कनिष्ठ दोनेां को मिलकर चलने में फायदा रहेगा। इस बात का पूरा ख्याल रखें कि आपकी बात से ही बात बनेगी और आपकी बात से ही बात बिगड़ेगी, इसलिए भूलकर भी क्रोध न करें और बोलते समय अपनी भाषा और लहजे पर पूरा नियंत्रण रखें। सप्ताह के मध्य में लंबी अथवा छोटी दूरी की यात्रा हो सकती है। यात्रा के दौरान सेहत और सामान दोनों का विशेष ख्याल रखें। लव पार्टनर हो या फिर जीवनसाथी उसकी भावनाओं की उपेक्षा करने से बचें।


उपाय: पक्षियों का दाना डालें। 'ॐ शं शनैश्चराय नम:' मंत्र का जप करें।

कुंभ:

कुंभ राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह मिश्रित फलदायक रहेगा। सप्ताह के प्रारंभ में कामकाज के सिलसिले में लंबी अथवा छोटी दूरी की यात्रा करनी पड़ सकती है। धार्मिक-सामाजिक क्रिया-कलापों में रुचि बढ़ेगी। इस सप्ताह आर्थिक लेन-देन करते अत्यंत सावधानी बरतने की जरूरत है। किसी को धन उधार देने से बचें। कार्य योजना को पूरा करने से पहले उसे गुप्त रखें, अन्यथा विरोधी उसमें अड़ंगे लगा सकते हैं। संतान के भविष्य और जीवनसाथी की सेहत को लेकर मन चिंतित रहेगा। परीक्षा-प्रतियोगिता की तैयारी में जुटे छात्रों का मन भटक सकता है। प्रेम संबंधों में किसी भी प्रकार की गलतफहमी न पनपनें दें।


उपाय: हनुमान जी की उपासना करें और सुंदरकांड का पाठ करें।

मीन:

बीते सप्ताह के मुकाबले यह सप्ताह आपके लिए ज्यादा खुशियां और सफलता के ज्यादा अवसर लेकर आया है। सप्ताह के प्रारंभ में ही आपको करिअर-कारोबार से जुड़ी शुभ सूचनाएं मिलेंगी। पैतृक संपत्ति की प्राप्ति में आ रही अड़चनें दूर होंगी। सत्ता पक्ष से लाभ के योग बनेंगे। राजनीति से जुड़े लोगों को अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। प्रोफेशनल महिलाओं के लिए समय अनुकूल है। सप्ताह के उत्तरार्ध में धार्मिक कार्य से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा। लव पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम बिताने का मौका मिलेगा। संतान पक्ष द्वारा बड़ी उपलब्धि हासिल करने पर परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा।


उपाय: चंदन का टीका लगाएं। भगवान विष्णु की पूजा के साथ 'ॐ नमो नारायणाय' मंत्र का जप करें।


जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक बधाई और शुभ आशीष


दिनांक 21 को जन्मे व्यक्ति निष्कपट, दयालु एवं उच्च तार्किक क्षमता वाले होते हैं। अनुशासनप्रिय होने के कारण कभी-कभी आप तानाशाह भी बन जाते हैं। आप दार्शनिक स्वभाव के होने के बावजूद एक विशेष प्रकार की स्फूर्ति रखते हैं। आप सदैव परिपूर्णता या कहें कि परफेक्शन की तलाश में रहते हैं यही वजह है कि अक्सर अव्यवस्थाओं के कारण तनाव में रहते हैं। अंक ज्योतिष के अनुसार आपका मूलांक तीन आता है। यह बृहस्पति का प्रतिनिधि अंक है। आपकी शिक्षा के क्षेत्र में पकड़ मजबूत होगी। आप एक सामाजिक प्राणी हैं।


कैसा रहेगा यह वर्ष:-

दांपत्य जीवन में सुखद स्थिति रहेगी। घर या परिवार में शुभ कार्य होंगे। यह वर्ष आपके लिए अत्यंत सुखद है। किसी विशेष परीक्षा में सफलता मिल सकती है। नौकरीपेशा के लिए प्रतिभा के बल पर उत्तम सफलता का है। नवीन व्यापार की योजना भी बन सकती है। मित्र वर्ग का सहयोग सुखद रहेगा। शत्रु वर्ग प्रभावहीन होंगे। महत्वपूर्ण कार्य से यात्रा के योग भी है।

       

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