थरूहट क्षेत्र के समग्र विकास के लिए सरकार एवं जिला प्रशासन कृतसंकल्पित - डीएम

 



 27 करोड़ 51 लाख रूपये की राशि से थरूहट क्षेत्र में होगा विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन।

बेतिया, 22 जून।  पश्चिम चंपारण डिस्टिक मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार राय की अध्यक्षता में आज समेकित थरूहट विकास अभिकरण योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 हेतु प्रस्तावित योजनाओं के चयन से संबंधित प्रबंधनकारिणी समिति की बैठक सम्पन्न हुयी।

  इस अवसर पर  विधायक  राम सिंह,  धीरेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ रिंकू सिंह,  भागीरथी देवी,  विरेन्द्र गुप्ता, विधान पार्षद, सौरभ कुमार,  भीष्म सहनी, थारू विकास मंच, चम्पारण आदिवासी उरांव संघ के अध्यक्ष/सचिव एवं सदस्य सहित उप विकास आयुक्त, वन प्रमंडल पदाधिकारी, प्रभारी पदाधिकारी, समेकित थरूहट विकास अभिकरण, सिविल सर्जन, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में समेकित थरूहट विकास अभिकरण के माध्यम से ली जाने वाली योजनाओं के लिए विषयवार बजट प्राप्त हो गया है। कुल-2761.00 लाख रूपये प्राप्त हुए हैं। जिसमे सहायक अनुदान-वेतन के लिए 10 लाख, सहायक अनुदान-परिसंपतियों के निर्माण हेतु 2251 लाख तथा सहायक अनुदान-गैर वेतन के लिए 500 लाख रूपये शामिल हैं।

प्रबंधनकारिणी समिति की बैठक में  जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों से प्राप्त कुल-61 प्रस्तावित योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही उपस्थित  जनप्रतिनिगण द्वारा थरूहट क्षेत्र के समेकित विकास के लिए अपने-अपने सुझाव व्यक्त किये गये।

इस बैठक में थारू स्मार्ट विलेज प्रोजेक्ट जिसमें प्री-फैब स्ट्रक्चर, कैन्टीन, थारू सांस्कृतिक भवन, आर्चरी सेन्टर, बॉलीवॉल स्टेडियम, एएनएम/जीएनएम/पारामेडिकल प्रशिक्षण केन्द्र (इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट क्लास, लैब, एक्स-रे मशीन, अल्ट्रासाउंड मशीन, ब्लड टेस्ट मशीन, इसीजी मशीन) शामिल है, के बारे में विस्तृत जानकारी उप विकास आयुक्त,  अनिल कुमार द्वारा दी गयी।

जिलाधिकारी  दिनेश कुमार राय ने कहा कि राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन थरूहट क्षेत्र के समग्र विकास के लिए कृतसंकल्पित है तथा इस हेतु लगातार कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2023-24 में 27 करोड़ 51 लाख रूपये की राशि से विभिन्न विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं को क्रियान्वयन किया जाना है। उन्होंने कहा कि थरूहट क्षेत्र के विकास के लिए अधिकारियों एवं माननीय जनप्रतिनिधियों को मिलजुल कर कार्य करना होगा।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि थरूहट विकास अंतर्गत योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर क्रियान्वित किया जाना है। योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवता का पूरा ख्याल रखा जाय। चल रही योजनाओं को ससमय पूरा करना है तथा चयन की जाने वाली योजनाओं को भी निर्धारित समयावधि में गुणवतापूर्ण तरीके से क्रियान्वित कराना है।

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