बेतिया मे चार ट्रेनों की मांग को लेकर ,कांग्रेस पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा विभाग ने धरना दिया।

 


 

बेतिया, 16 दिसंबर।  जिला मुख्यालय बेतिया समाहरणालय पर

बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा विभाग मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डा गौतम कुमार ने सैकड़ों साथियों के साथ आज धरना दिया। जिसमें बेतिया से कांग्रेस के पूर्व विधायक मदन मोहन तिवारी, जिला युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विनय यादव, ओबीसी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष शेषचंद्र यादव, भी मौजूद रहे। धरना में अपने संबोधन के दौरान पूर्व विधायक ने कहा कि केंद्र सरकार गरीबों का शोषण कर रही है। तो विनय यादव जी ने ट्रेन के मांग को नितांत आवश्यक बताया। जबकि डॉ गौतम कुमार ने कहा कि 2 नवंबर 2022 को चंपारण से चार नई ट्रेनों की मांग को लेकर डीआरएम समस्तीपुर से मिलकर आवेदन दिए। जिसमे 2 ट्रेनें बगहा से पाटलिपुत्र भाया सगौली और 2 ट्रेनें नरकटियागंज से पाटलिपुत्र भाया सिकटा, रक्सौल,रामगढ़वा की मांगें की गई थी। और सांसद का भी पिछले माह डीआरएम समस्तीपुर  के साथ मीटिंग थी ।परंतु उन्होंने इस मुद्दे पर चर्चा तक नहीं की । डॉ कुमार ने आरोप लगाया की बस मालिकों के साथ जरूर संसद महोदय का  गठजोड़ है। इसलिए इस मुद्दे पर उन्होंने डीआरएम साहब से बात नहीं की। 

धरना के बाद उन्होंने रेल मंत्री को  डीएम पश्चिमी चंपारण के माध्यम से आवेदन दिया। डीएम साहब ने कहा कि यह उचित मांग है। हमलोग रेल मंत्री को चिट्ठी भेज देंगे। 

 सुबह नरकटियागंज पाटलिपुत्र इंटरसिटी एक्सप्रेस में भीड़ के कारण खड़ा होने तक का जगह नही होता है। चंपारण की बेटी, बहुएं, मरीज, छात्राओं को भी ट्रेन में खड़ा होकर जाने के लिए बाध्य होना पड़ता था।

        उन्होंने  बताया कि ट्रेन से पाटलिपुत्र का किराया जहां 80 रुपया है, वही बस का किराया 400 है। यदि आप किसी मरीज के साथ पटना जाते हैं तो ट्रेन से आने जाने का खर्च जहां 480 रुपया देना पड़ता है, वही बस का किराया 2400 रुपया देना पड़ता है।महंगाई के दौर में एक गरीब मरीज कैसे इलाज करा पाएगा?  इतना रुपया सिर्फ किराया में देना आम जनता, किसान, मजदूर, किसान, छात्र, नौजवान बेरोजगार के लिए काफी कष्टप्रद है। पटना बिहार  की राजधानी होने के कारण लोगों को विभिन्न कार्यों से पटना जाना पड़ता है । छात्रों और बेरोजगारों को पटना जाने में बस का किराया देना संभव नहीं हो पाता। 

चंपारण बिहार की बड़ी आबादी वाला जिला है, और चंपारण से पटना वाली ट्रेन में चंपारण के अलावा नेपाल देश और शिवहर जिला के यात्री भी सफर करते है। ऐसी स्थिति में एकमात्र डायरेक्ट ट्रेन के भीड़ की कल्पना आमलोग भी कर सकते हैं।

   केंद्र सरकार की नीतियां जनविरोधी हो गई है। जिस जनता के टैक्स और रुपया से सरकार और रेल चलती है।  उसी जनता के सुविधाओ से उन्हें वंचित किया जा रहा है। 

सबसे ज्यादा तकलीफ बालमिकीनगर ,बगहा ,सिकटा और जिला से सुदूर गांव के लोगो को है, जिन्हे डायरेक्ट ट्रेन नसीब नहीं है। और बस के मनमाना किराया देने के लिए लोग बाध्य है।

     डा गौतम कुमार ने कहा कि  रेलवे हमारी मांग नही मानती है तो इस एक दिवसीय धरना के बाद चरणबद्ध धरना और आंदोलन होगा।

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