राजधानी दिल्ली में नमाजी नागरिकों पर नहीं हिदुस्तान के संविधान पर लात मारा गया है - माले


दिल्ली में नमाजियों के प्रति अपमान, हिंसा और  CAA के खिलाफ बेतिया में प्रतिवाद।


बेतिया 13 मार्च। देश की राजधानी दिल्ली में नमाजियों के प्रति अपमान और हिंसा के खिलाफ भाकपा-माले के दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी प्रतिवाद के तहत आज बेतिया में नफरत व पुलिसिया बर्बरता पर रोक लगाओ, नफरत की राजनीति नहीं चलेगी,CAA नही  चलेगा आदि नारे लगाते हुए प्रतिवाद मार्च निकाला.

  प्रतिवाद मार्च में माले विधायक वीरेंद्र गुप्ता किसान महासभा के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार राव, इनौस जिला अध्यक्ष फरहान राजा, खेग्रामस जिला अध्यक्ष सीताराम राम, माले नेता सुरेंद्र चौधरी, आदिवासी संघर्ष मोर्चा के जिला अध्यक्ष नंद किशोर महतो,मुखिया नवीन कुमार, संजय राम, अच्छे लाल राम, अब्दुल खैर, अख्तर इमाम,राम बाबू महतो, अफाक अहमद,हरे राम यादव,मंगल चौधरी,सहित बड़ी संख्या में पार्टी नेता-कार्यकर्ता शामिल थे. मार्च स्टेशन  परिसर से शुरू हुआ और कलेक्ट्रेट  चौक पर एक प्रतिवाद सभा आयोजित की गई.

  माले विधायक वीरेंद्र गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में नमाज पढ़ रहे युवकों पर जो पुलिसिया लात चली है, दरअसल वह बाबा साहेब डाॅ. भीमराव अंबेडकर के बनाए गए संविधान पर हमला है. 2024 चुनाव के ठीक पहले इस तरह का सांप्रदायिक माहौल बनाकर भाजपा वोटों का धु्रवीकरण करना चाह रही है. देश की जनता इसका मुक्कमल जवाब देगी. 

  उन्होंने कहा कि नमाजियों को लात से मारना भाजपा की नफरती राजनीति एवं उसके प्रचार-प्रसार का परिणाम है. संविधान में भाईचारे व धर्म की आजादी की बात कही गई है, लेकिन आज उसी संविधान को खत्म करने की साजिश चल रही है. 

  किसान महासभा के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार राव ने कहा देश के गृहमंत्री अमित शाह चुनाव से पहले भेदभाव  वाला CAA को लागू करने का अधिसूचना जारी कर भाजपा की नफ़रत और विभाजन की राजनीति की शुरुआत किया है।यह देश, संविधान और लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा सांसद अनंत हेगड़े ने कहा है कि 400 पार का जो नारा है, वह इसलिए जरूरी है कि मोदी जी को संविधान बदलना है. भाजपा खुलेआम अब संविधान बदलने की बात कह रही है. ऐसे में बाबा  साहेब के बनाये संविधान को बचाने की लड़ाई को हम मजबूती से लड़ते रहेंगे. 

 इनौस जिला अध्यक्ष फरहान राजा ने कहा उसी दिल्ली या बिहार में कितने मंदिर सड़क पर बने हुए हैं, कितनी शोभायात्राएं चलती हैं, रामनवमी का जुलूस चलता है, बंगाल में महीनों तक पूजा चलता है. इसलिए दिल्ली में हुई घटना में सड़क पर नमाज पढ़ने का दिया जा रहा तर्क केवल और केवल दोषियों को बचाने के लिए है. इसलिए हमारी मांग है कि सभी दोषी पुलिस अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए.

   खेग्रामस जिला अध्यक्ष सीताराम राम ने कहा कि आज उसी दिल्ली में सड़क पर आंदोलन करने का कोई अधिकार नहीं है. सड़क पर कील ठोक दिए जाते हैं. केवल धर्म का सवाल नहीं है बल्कि आंदोलनरत तमाम लोगों से सड़कें छीन लिए जा रहे हैं. संविधान नहीं रहेगा तो लोकतंत्र नहीं रहेगा, यदि लोकतंत्र नहीं रहेगा तो देश नहीं रहेगा. भाईचारे की हिफाजत हमें आंदोलन के जरिए ही करनी होगी.

   आदिवासी  संघर्ष मोर्चा के जिला अध्यक्ष नंद किशोर महतो ने कहा कि राजधानी दिल्ली के इंद्रलोक में जुम्मे की नमाज पढ़ रहे मुस्लिमों को पुलिस ने सरेआम अपमानित किया, नमाज में झुके लोगों को लात मारी, धक्के दिए और पिटाई की. देश में मुस्लिमों के खिलाफ भाजपा लगातार साम्प्रदायिक घृणा व हिंसा फैला रही है. उसने सुरक्षा बलों के साम्प्रदायिकीकरण का भी अभियान चला रखा है. इसे हम कत्तई बर्दाश्त नहीं करेंगे.

   मुखिया संघ के प्रवक्ता नवीन कुमार ने कहा ने कहा कि इस प्रतिकार को संघर्ष में बदलना है. भाजपा की धारा इस मुल्म व आइन के खिलाफ है. उसने विचार की जो गंदगी फैलाई है, उसके खिलाफ सबको जागृत करना हम सबका दायित्व बनता है. जुल्म व ज्यादती के खिलाफ जितनी भी आवाज बुलंद हो सके, उसे हम बुलंद करना चाहिए. वे तमाम लोग अंधकार में चले जाएंगे जिन्होंने यह जुल्म फैलाया है.

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